पंचायत चुनाव में देरी पर 'आजाद अधिकार सेना' का हल्ला बोल, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
देवरिया: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों के आयोजन में हो रहे विलंब को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में आजाद अधिकार सेना ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गहरी आपत्ति दर्ज कराई है।
पार्टी के जिला अध्यक्ष मणि यादव उर्फ अन्ना हजारे के नेतृत्व में सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश की विभिन्न पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर (पूर्व आईपीएस) के दिशा-निर्देशन में जारी इस ज्ञापन में कहा गया है कि चुनाव की समय सीमा ज्ञात होने के बावजूद सरकार और निर्वाचन आयोग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए। वर्तमान में कार्यकाल समाप्त होने में केवल एक महीना शेष है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया को लेकर अभी भी भारी अस्पष्टता और भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
प्रमुख माँगें:
पार्टी ने राज्यपाल से निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है:
अधिकतम एक माह के भीतर पंचायत चुनाव संपन्न कराए जाएं।
चुनाव में जानबूझकर किए गए विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाए।
आजाद अधिकार सेना ने स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायतों का अत्यधिक महत्व है और इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान स्वीकार्य नहीं है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयुक्त को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।
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